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काली नदी पर नया पुल नियमों की जद में, पास–पास बने सेतुओं के कारण प्रस्ताव को चाहिए विशेष अनुमति
अलीगढ़ ; काली नदी पार कर खेतों तक पहुंचने को मजबूर ग्रामीणों की समस्या के समाधान की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रयास जारी हैं। आलमपुर कायस्थान और सिकरना के मध्य प्रस्तावित पुल के संबंध में विभागीय अधिकारियों ने बताया है कि संबंधित स्थल पर लगभग 120 मीटर लंबे सेतु के निर्माण की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान नियमों के कारण यह प्रस्ताव तकनीकी बाधाओं का सामना कर रहा है। विभाग के अनुसार प्रस्तावित स्थल से अपस्ट्रीम दिशा में लगभग 1.50 किलोमीटर दूरी पर ग्राम रायपुर के निकट काली नदी पर पक्का सेतु पहले से निर्मित है। वहीं डाउनस्ट्रीम दिशा में लगभग 1.20 किलोमीटर दूरी पर ग्राम सिकरना के पास रपटा सेतु और लगभग 4 किलोमीटर दूरी पर गोधा मार्ग पर काली नदी पर एक अन्य पक्का सेतु मौजूद है।
कार्यालय प्रमुख अभियंता विकास, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार 60 से 200 मीटर लंबाई वाले नवीन नदी सेतु के प्रस्ताव के लिए प्रस्तावित स्थल से अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों दिशाओं में पूर्व निर्मित सेतुओं की एरियल दूरी कम से कम 6 किलोमीटर होना आवश्यक है। चूंकि प्रस्तावित स्थल के निकट पहले से कई सेतु और रपटा मौजूद हैं, इसलिए यहां नए पुल के निर्माण के लिए नियमों में शिथिलीकरण की आवश्यकता होगी। विभाग द्वारा यह भी बताया गया है कि प्रस्तावित सेतु का निर्माण वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगा। ऐसे में पुल निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए शासन स्तर पर नियमों में विशेष छूट एवं आवश्यक वित्तीय स्वीकृति प्राप्त होना आवश्यक है।
उल्लेखनीय है कि क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से काली नदी पर पुल निर्माण की मांग करते रहे हैं। नदी के दोनों ओर कृषि भूमि होने के कारण किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। परियोजना प्रबंधक सेतु निगम की विभागीय आख्या से स्पष्ट हुआ है कि समस्या केवल मांग या प्रस्ताव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके समाधान के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों में शिथिलीकरण और वित्तीय स्वीकृति भी आवश्यक है।
