हाईकोर्ट पहुंचा जमीन विवाद, याचिकाकर्ताओं ने SDM व पुलिस पर विपक्षी को कब्जा दिलाने का लगाया आरोप
हाईकोर्ट पहुंचा जमीन विवाद, याचिकाकर्ताओं ने SDM व पुलिस पर विपक्षी को कब्जा दिलाने का लगाया आरोप
पुराने सिविल कोर्ट आदेश के बावजूद जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद, जुलाई 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल हुई रिट याचिका
राहुल शर्मा
अलीगढ़ इगलास तहसील क्षेत्र के गांव कजरोठ से जुड़ा जमीन विवाद अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। लक्ष्यपाल सिंह व अन्य की ओर से कमिश्नर अलीगढ़ समेत छह लोगों को पक्षकार बनाते हुए सिविल रिट याचिका दाखिल की गई है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार याचिका जुलाई 2026 में दाखिल हुई, जिसका पंजीकरण WRIC/29193/2026 के रूप में दर्ज है। केस स्टेटस में पहली सुनवाई की तारीख 29 जुलाई 2026 दर्ज बताई गई है
याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों में वर्ष 2023 में सिविल कोर्ट द्वारा पारित आदेश का भी उल्लेख किया गया है। दस्तावेजों के मुताबिक वादी की ओर से स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई थी तथा अंतरिम निषेधाज्ञा पर सुनवाई हुई। अदालत ने तत्काल अंतरिम निषेधाज्ञा दिए जाने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार नहीं माना था और प्रतिवादी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे प्रशासन और पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विवादित जमीन पर विपक्षी पक्ष को कब्जा दिलाने में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका रही। इसी आरोप को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। याचिका में कमिश्नर अलीगढ़, ग्राम सभा, एसडीएम इगलास और तहसीलदार इगलास समेत अन्य को प्रतिवादी बनाया गया है।
मामले से संबंधित सामने आई कुछ तस्वीरों में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी विवादित बताए जा रहे खेत/रास्ते के पास मौजूद दिखाई दे रहे हैं। एक तस्वीर में पुलिस वाहन भी मौके पर खड़ा नजर आ रहा है। हालांकि, केवल तस्वीरों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि पुलिस ने किसी पक्ष को जमीन पर कब्जा दिलाया था।
हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर
मामला हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद जमीन की वास्तविक स्थिति और मौके पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए तथा संबंधित दस्तावेज और तथ्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं।
फिलहाल प्रशासन या पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में हाईकोर्ट की आगे की कार्यवाही और आदेश के बाद ही स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: प्रशासन और पुलिस पर विपक्षी को कब्जा दिलाने का आरोप खबर में याचिकाकर्ताओं के आरोप के रूप में प्रस्तुत किया गया है। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अभी ऐसा कोई स्पष्ट हाईकोर्ट आदेश सामने नहीं है, जिसमें न्यायालय ने यह निष्कर्ष दिया हो कि एसडीएम या पुलिस ने विपक्षी पक्ष को कब्जा दिलाया