जख्मी राही
वह आएगा फिर लौट कर
1. वो आएगा लौटकर बीमार ए दिल देखकर, क्या मैं अपना ईमान छोड़ दूं उसकी जुदाई देखकर
2. मैंने हर ख्वाहिश हर तमन्ना उम्र गुजार दी उनकी तलाश में, मैं कभी रुका नहीं कभी थका नहीं रास्ता सुनसान देखकर
3. सोचा नहीं था मैंने कभी तेरे जैसा सक्स, मुंह फेर लेगा मुझे कुछ परेशान देखकर
4. वो तेरे वादे वो तेरे मिलने की खुशी बरसों के बाद लौटा हूं ऐ तन्हाई जिंदगी तेरे शहर में कोई वीरान गुलिस्तान देखकर
5. तू लाख बेवफा या मतलबी सही सर उठा के तो चल, मेरा दिल आज भी रो पड़ेगा तुझे परेशान देखकर
6. तुम्हारी सोच से भी कई आगे है तजुर्बा मेरा, मैं हादसे देख कर नहीं हालात झेल कर बड़ा हुआ हु।।
।। जख्मी राही।।, 8278620863 हनुमान गौतम





