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राष्ट्रीय समाचार

आज प्रधानमंत्री (4 जुलाई को) राजस्थान और गुजरात के दौरे पर रहेंगे

By HKSNEWS
July 4, 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 4 जुलाई 2026 को राजस्थान और गुजरात के दौरे पर रहेंगे। सुबह लगभग 10:45 बजे, प्रधानमंत्री जोधपुर हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे और जोधपुर में संशोधित उड़ान योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 12:15 बजे, प्रधानमंत्री बालोतरा जाएंगे, जहां वे लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री गुजरात जाएंगे। शाम करीब 4:30 बजे प्रधानमंत्री अहमदाबाद के साणंद में स्थित सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इस अवसर पर वे लोगों को संबोधित भी करेंगे।

जोधपुर में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री जोधपुर में संशोधित उड़ान योजना को लॉन्च करेंगे, जिसमें क्षेत्रीय संपर्क पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे भारतीय विमानन क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और नागरिक विमानन के परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। साथ ही “उड़े देश का आम नागरिक” की विजन को भी बढ़ावा देगा। इस योजना के तहत 28,840 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसका उद्देश्य अगले 10 वर्षों में विमानन-आधारित विकास को गति देना है। यह रणनीतिक पहल सुनिश्चित करेगी कि देश भर में व्यापक और स्थायी कनेक्टिविटी कायम रहे।

देश भर में विमानन अवसंरचना के विस्तार के लिए, मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों के विकास पर विशेष बल दिया गया है, जिसके लिए 12,000 करोड़ रुपए से अधिक का बजट आवंटित किया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन के प्रारंभिक वर्षों में उनकी व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए संचालन एवं रखरखाव (ओएंडएम) सहायता के लिए 2,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निर्धारित की गई है। दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पहुंच संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए, योजना में 200 आधुनिक हेलीपैड के विकास का भी प्रस्ताव है।

इस योजना के तहत एयरलाइन कंपनियों को 10,000 करोड़ रुपए से अधिक की वायबिलिटी गैप फंडिंग सहायता जारी रखी गई है, जिससे क्षेत्रीय परिचालन की निरंतरता सुनिश्चित हो सके और धीरे-धीरे व्यावसायिक व्यवहार्यता को बढ़ावा मिल सके। आत्मनिर्भर भारत के विजन को और सुदृढ़ करते हुए, इस पहल में स्वदेशी विमानों और हेलीकॉप्टरों की खरीद भी शामिल है जिनमें एचएल ध्रुव और डोर्नियर प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इसका उद्देश्य कम सेवा वाले क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और परिचालन में सुधार लाना है।

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन करेंगे। इस परियोजना को कुल 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया है। 23,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह नया टर्मिनल भवन प्रति वर्ष 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम है। यह आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित है ताकि यात्रियों को सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।

राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित वास्तुकला के आधार पर निर्मित यह टर्मिनल मेहराब और झरोखों जैसे पारंपरिक तत्वों को समकालीन डिजाइन के साथ खूबसूरती से समाहित करता है। ऊर्जा-कुशल प्रणालियों, जल संरक्षण उपायों और हरित भवन निर्माण पद्धतियों जैसी विशेषताओं के साथ, सतत विकास टर्मिनल के डिजाइन का अभिन्न अंग रहा है, जिसका उद्देश्य 5-स्टार जीआरआईएचए रेटिंग प्राप्त करना है। जोधपुर हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन के उद्घाटन से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।

बालोतरा ​​में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री बालोतरा में लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपए की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन करेंगे। ये परियोजनाएं पेट्रोकेमिकल्स, शहरी परिवहन, रेलवे, सड़क, नवीकरणीय ऊर्जा और विद्युत पारेषण सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।

 

 

प्रधानमंत्री बालोतरा के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे, जो देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि का प्रतीक है।

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित, 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) की क्षमता वाले इस ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना 79,450 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से की गई है।

इस अत्याधुनिक परिसर में शोधन और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाओं को एकीकृत किया गया है, जिसकी पेट्रोकेमिकल क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष है। इस रिफाइनरी का नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17.0 है और पेट्रोकेमिकल उत्पादन 26 प्रतिशत से अधिक है, जो दक्षता और स्थिरता के वैश्विक मानकों के अनुरूप है।

यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, पेट्रोकेमिकल आत्मनिर्भरता बढ़ाने और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। यह क्षेत्र में पेट्रोकेमिकल और प्लास्टिक पार्क के विकास के लिए एक आधार उद्योग के रूप में कार्य करेगी, जिससे संबंधित उद्योगों और सहायक क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। यह रिफाइनरी रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर पैदा करने के लिए तैयार है, जिससे क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।

प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला रखेंगे, जिसकी कुल लागत 13,000 करोड़ रुपए से अधिक है। दूसरे चरण के तहत, प्रह्लादपुरा से तोड़ी मोड़ तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो सीतापुरा और विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआई) के औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों को 36 स्टेशनों के माध्यम से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआई, जयपुर हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, एसएमएस स्टेडियम, अंबाबारी और विद्याधर नगर सहित प्रमुख स्थानों को जोड़ेगा। इस परियोजना से जयपुर के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे निवासियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। पहले चरण के तहत, 11 स्टेशनों वाला 11.64 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर पहले से ही संचालन में है।

प्रधानमंत्री लगभग 900 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित चूरू-सादुलपुर (58 किमी) और चूरू-रतनगढ़ (46 किमी) रेल दोहरीकरण परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। कुल 104 किमी लंबाई में फैली ये परियोजनाएं उत्तर-पश्चिम राजस्थान में रेल संपर्क को मजबूत करेंगी। इनसे रेल लाइन की क्षमता बढ़ेगी, जिससे यात्री और मालगाड़ियों का संचालन सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा और रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम होगी। ये परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देंगी।

प्रधानमंत्री, जोधपुर रिंग रोड के खंड-2 (कारवार-डांगियावास) पर स्थित एनएच-125ए के चार लेन के निर्माण का भी उद्घाटन करेंगे। लगभग 740 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस परियोजना से जोधपुर के आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा और यात्रा सुगम एवं सुरक्षित बनेगी।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री एसजेवीएन लिमिटेड की 1,000 मेगावाट की बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसे लगभग 5,500 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित किया गया है। इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित 24.22 लाख सौर मॉड्यूल का उपयोग किया गया है। प्रधानमंत्री एनएचपीसी के 300 मेगावाट के करणीसर बीकानेर सौर ऊर्जा संयंत्र को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस परियोजना में स्वदेशी रूप से निर्मित लगभग 7.75 लाख सौर पीवी सेल और मॉड्यूल का उपयोग किया गया है।

प्रधानमंत्री राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र (आरईजेड) से बिजली निकासी के लिए 1,900 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से निर्मित ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन करेंगे और राजस्थान आरईजेड के लिए 530 किलोमीटर लंबी बिजली ट्रांसमिशन प्रणाली की आधारशिला रखेंगे। ये ट्रांसमिशन प्रणालियां राजस्थान में उत्पादित नवीकरणीय ऊर्जा की निकासी को सुगम बनाएंगी और राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद करेंगी।

प्रधानमंत्री राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों में भर्ती किए गए लगभग 54,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। इनमें शिक्षा, ऊर्जा, गृह, पंचायती राज, परिवहन, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, योजना, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक सुधार विभागों के कर्मी शामिल हैं।

साणंद में प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री गुजरात के साणंद में स्थित सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि इस संयंत्र में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो रहा है। यह वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह परियोजना इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के तहत स्वीकृत पहली चार परियोजनाओं में से एक है और इसे 7,500 करोड़ रुपए से अधिक के कुल निवेश से विकसित किया गया है।

पूर्ण क्षमता के साथ संचालन में आने पर, इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 5 अरब सेमीकंडक्टर चिप्स तक होगी और यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग में तेजी से हो रहे विकास के कारण मेमोरी और स्टोरेज समाधानों की बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने में सहायक होगा। यह संयंत्र ऑटोमोटिव, औद्योगिक, दूरसंचार, 5जी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) क्षेत्रों के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगा। यह सीजी सेमी संयंत्र वेफर सॉर्टिंग, असेंबली, टेस्टिंग, पैकेज डिजाइन, विफलता विश्लेषण, टेस्ट प्रोग्राम डेवलपमेंट, उत्पाद विशेषता निर्धारण और लॉजिस्टिक्स सहायता सहित संपूर्ण सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग सेवाएं प्रदान करता है।

इस संयंत्र की शुरुआत भारत के एक भरोसेमंद और आत्मनिर्भर सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र के रूप में उदय को दर्शाती है। यह देश में एक मजबूत और आत्मनिर्भर प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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