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अलीगढ समाचार

यथार्थ हॉस्पिटल की एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी से 61 वर्षीय महिला फिर से स्वतंत्र रूप से चलने में सक्षम हुई

By HKSNEWS
July 30, 2026

अलीगढ़। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 (परी चौक के पास), ग्रेटर नोएडा ने अलीगढ़ में बैठक आयोजित की, जिसमें एडवांस्ड स्पाइन सर्जरी की क्षमताओं को उजागर किया गया। इस दौरान एक 61 वर्षीय महिला के सफल इलाज की जानकारी साझा की गई, जो लंबे समय से गंभीर कमर दर्द और चलने में परेशानी से जूझ रही थीं। कार्यक्रम को यथार्थ हॉस्पिटल, ओमेगा-1 के सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जरी एवं चीफ, डप्ैै एंड पेन मॉड्यूलेशन, डॉ. राहुल शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने इस केस से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के साथ-साथ मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी में हुई नवीनतम प्रगति के बारे में बताया। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की ओपीडी सेवा अलीगढ़ स्थित वेद नर्सिंग होम में प्रत्येक महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को आयोजित की जाती है। इस अवसर पर डॉ. राहुल शर्मा ने कहा, ष्बढ़ती उम्र के साथ होने वाले बदलाव, ऑस्टियोपोरोसिस, खराब जीवनशैली और समय पर चिकित्सकीय सलाह न लेने के कारण बुजुर्गों में स्पाइनल समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार कमर दर्द, पैरों में सुन्नपन, चलने में परेशानी या संतुलन बिगड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि ये स्पाइनल नर्व पर गंभीर दबाव का संकेत हो सकते हैं। समय पर जांच और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों की मदद से मरीज अपनी गतिशीलता दोबारा प्राप्त कर सकते हैं और जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं। डॉ. शर्मा ने बताया कि मरीज को गंभीर कमर दर्द और धीरे-धीरे बढ़ती चलने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती किया गया था, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियां और आत्मनिर्भरता काफी प्रभावित हो गई थीं। क्लिनिकल जांच और लम्बोसैक्रल स्पाइन की एमआरआई जांच में स्4-स्5 और स्5-ै1 स्तर पर गंभीर स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस के साथ मल्टीलेवल डिजेनेरेटिव बदलाव और स्पाइनल नर्व पर दबाव पाया गया। मरीज की विस्तृत जांच और उपचार के विकल्पों, जोखिमों, लाभों एवं संभावित परिणामों के बारे में परामर्श के बाद न्यूरोसर्जरी टीम ने 21 अप्रैल 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत आंशिक स्3, स्4 और स्5 लैमिनेक्टॉमी की। इसके बाद पेडिकल स्क्रू और रॉड फिक्सेशन के माध्यम से स्4-स्5 स्पाइनल फ्यूजन तथा स्4-स्5 डिस्केक्टॉमी की गई। सर्जरी सफल रही और ऑपरेशन के बाद मरीज को इंट्रावीनस एंटीबायोटिक्स, दर्द नियंत्रण, फ्लूइड्स और आवश्यक सपोर्टिव केयर दी गई। मरीज की रिकवरी बिना किसी जटिलता के हुई। सर्जिकल घाव अच्छी तरह ठीक हुआ और पोस्टऑपरेटिव एक्स-रे में इम्प्लांट की स्थिति सही पाई गई। मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ, उन्हें सफलतापूर्वक चलाया गया और दर्द में काफी कमी के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. राहुल शर्मा ने आगे बताया कि मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी (डप्ैै) में हुई प्रगति ने जटिल स्पाइनल समस्याओं के उपचार में बड़ा बदलाव लाया है। इस तकनीक से सर्जिकल ट्रॉमा, रक्तस्राव, ऑपरेशन के बाद होने वाला दर्द और रिकवरी का समय कम किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लगातार कमर दर्द, पैरों में कमजोरी, सुन्नपन या चलने में परेशानी को उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया न मानें और समय पर स्पाइन विशेषज्ञ से परामर्श लें। डॉ. अंकुर अग्रवाल, मालिक, वेद नर्सिंग होम, अलीगढ़ ने कहा, ष्हम अलीगढ़ के लोगों तक आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यथार्थ हॉस्पिटल के साथ हमारा सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि मरीजों को समय पर विशेषज्ञ स्पाइन और न्यूरोसर्जिकल उपचार उपलब्ध हो सके। यथार्थ हॉस्पिटल के विशेषज्ञों ने दोहराया कि समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार से स्थायी नर्व डैमेज को रोका जा सकता है, मरीजों की गतिशीलता वापस लाई जा सकती है और उन्हें एक सक्रिय एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने में मदद मिल सकती है।

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