मंडल में 50 हजार मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध, कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के निर्देश
किसानों को निर्धारित दरों पर मिलेगा उर्वरक, उपलब्धता और वितरण की होगी नियमित निगरानी
अलीगढ़ 15 अक्टूबर 2026: किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आयुक्त अलीगढ़ मंडल ओपी आर्य ने संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ कमिश्नरी कार्यालय में बैठक कर उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि मंडल के सभी बिक्री केंद्रों पर उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखी जाए और दैनिक अनुश्रवण एवं समीक्षा के माध्यम से वितरण व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंडल में बिक्री केंद्रों पर किसानों के लिए 8,081 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। इसमें 4,643 मीट्रिक टन यूरिया, 2,743 मीट्रिक टन डीएपी और 695 मीट्रिक टन एनपीके शामिल है। इसके अतिरिक्त बफर स्टॉक में 41,777 मीट्रिक टन उर्वरक सुरक्षित है, जिसमें 33,990 मीट्रिक टन यूरिया, 6,485 मीट्रिक टन डीएपी और 1,302 मीट्रिक टन एनपीके शामिल हैं। इस प्रकार बिक्री केंद्रों के स्टॉक और बफर स्टॉक को मिलाकर मंडल में कुल 49,858 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध बताया गया।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की मांग के अनुरूप समय से आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर कृत्रिम अभाव, अनियमित वितरण अथवा कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। बिक्री केंद्रों पर स्टॉक एवं वितरण की नियमित निगरानी करते हुए किसानों को शासन द्वारा निर्धारित दरों पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। निर्धारित दरों से अधिक वसूली या वितरण में अनियमितता की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी नजदीकी सहकारी समिति अथवा निर्धारित बिक्री केंद्र पर खतौनी और आधार कार्ड लेकर जाएं और अपनी भूमि के आधार पर अनुमन्य मात्रा में उर्वरक प्राप्त करें। उर्वरकों का वितरण शासन के निर्धारित मानकों एवं दरों के अनुसार किया जाएगा।
आयुक्त ओपी आर्य ने स्पष्ट किया कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ आपूर्ति, उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर निरंतर नजर रखें, ताकि रबी फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को उर्वरकों के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े।
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किसानों को MSP पर फसल बेचने का सुनहरा मौका
धान रुपया 2,441, बाजरा रुपया 2,900 और मक्का रुपया 2,410 प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा
अलीगढ़ 15 अक्टूबर 2026 (सू0वि0): किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के लिए अलीगढ़ मंडल में खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के अंतर्गत धान, बाजरा और मक्का की खरीद के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आयुक्त अलीगढ़ मंडल ओपी आर्य ने कमिश्नरी कार्यालय में आयोजित बैठक में खरीद व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्रय केंद्र निर्धारित समय पर खुलें और फसल बेचने आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अनुसार धान 2,441 रुपये, बाजरा 2,900 रुपये और मक्का 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। मंडल के चारों जिलों में धान खरीद के लिए 70, बाजरा के लिए 50 और मक्का के लिए 22 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त हाथरस में ज्वार खरीद के लिए एक केंद्र खोला गया है, जहां ज्वार का समर्थन मूल्य 4,023 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
कासगंज में बाजरा खरीद शुरू
समीक्षा के दौरान बताया गया कि मंडल में फिलहाल कासगंज जिले में बाजरा खरीद प्रारंभ हुई है। अन्य जिलों में खरीद शुरू करने की तैयारियां पूरी हैं। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखते हुए खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जाए।
एक पंजीकरण से सभी फसलों की बिक्री
समर्थन मूल्य योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट https://fcs.up.gov.in पर सभी फसलों के लिए एक ही ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। किसान क्यूआर कोड के माध्यम से किसान मित्र एप डाउनलोड कर स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा जन सुविधा केंद्र, साइबर कैफे अथवा संबंधित क्रय केंद्र के प्रभारी के माध्यम से भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
सभी राजकीय क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहेंगे। उपज का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसान के आधार से लिंक अथवा एनपीसीआई मैप्ड बैंक खाते में किया जाएगा। आयुक्त ने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपज नजदीकी राजकीय क्रय केंद्र पर बेचकर न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना का लाभ उठाएं। साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्रों के संचालन, किसानों की सुविधाओं और खरीद प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का निर्धारित मूल्य प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।