राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत आज, 50 स्वर्ण पदक व कुलाधिपति पदक से होंगे मेधावी सम्मानित
अलीगढ़ : राजा महेन्द्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का तृतीय दीक्षांत समारोह सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित शीला गौतम सेंटर फॉर लर्निंग सभागार में गरिमामय वातावरण में आयोजित होगा। समारोह में उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति की उपस्थिति में मेधावी विद्यार्थियों को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रख्यात वैज्ञानिक प्रो. शेखर सी. मांडे उपस्थित रहेंगे।
रविवार को विश्वविद्यालय के एकेडमिक सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में कुलपति प्रो. नरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालय में कुल 2,52,486 विद्यार्थी नामांकित रहे। अंतिम वर्ष की परीक्षा में 71,745 विद्यार्थी सम्मिलित हुए, जिनमें 51,547 विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की। उत्तीर्ण विद्यार्थियों में छात्राओं का सफलता प्रतिशत 73.81 एवं छात्रों का 69.90 प्रतिशत रहा, जो छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि तृतीय दीक्षांत समारोह में 45,079 स्नातक एवं 6,468 परास्नातक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। साथ ही 50 स्वर्ण पदक और एक कुलाधिपति पदक प्रदान किया जाएगा। पदक विजेताओं में 33 छात्राएं एवं 17 छात्र शामिल हैं। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 25 स्नातक एवं 26 स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों का सफल संचालन किया है। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन से प्रेरित होकर समर्थ ईआरपी प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। परीक्षा प्रणाली में पूर्णतः एन्क्रिप्टेड डिजिटल मूल्यांकन, उत्तरपुस्तिकाओं की कार्बन कॉपी, आधुनिक डिजिटल संसाधनों, दो सेमिनार हॉल और नवीन फर्नीचर जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। समारोह के दौरान कुलाधिपति द्वारा नई प्रयोगशालाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 57 सहायक आचार्यों की अस्थायी नियुक्ति की गई है। विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी आयोजित कर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों की नवीन पुस्तकों और ई-बुक्स की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-अकादमिक सहयोग संबंधी समझौते किए गए हैं। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा छह पुस्तकें, दस पुस्तक अध्याय तथा 13 शोधपत्र प्रकाशित किए जा चुके हैं, जबकि एक अंतरराष्ट्रीय एवं एक राष्ट्रीय पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। साहित्यिक चोरी रोकने के लिए टर्निटिन सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय ने सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए हैं। 100 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया गया, जिनमें से 96 रोगी अब क्षय रोग से मुक्त हो चुके हैं। गोद लिए गए गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। किशोरियों के एचपीवी टीकाकरण अभियान के अंतर्गत 19 छात्राओं का टीकाकरण कराया जा चुका है और दीक्षांत समारोह के दिन कुलाधिपति की उपस्थिति में 15 और छात्राओं का टीकाकरण कराया जाएगा। गोद लिए गए गांवों के विद्यालयों को कंप्यूटर भी उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने विकसित भारत युवा संसद एवं नेशनल एनवायरमेंटल यूथ पार्लियामेंट-2026 में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। अंतरविश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में 64 टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा अखिल भारतीय अंतरविश्वविद्यालय आर्म रेसलिंग प्रतियोगिता की सफल मेजबानी का गौरव भी विश्वविद्यालय को प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेन्योरशिप, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेंटर तथा आरएमपीएसयू इन्क्यूबेशन फाउंडेशन की स्थापना की जा चुकी है। वर्तमान में सात इन्क्यूबेटी विश्वविद्यालय से जुड़े हैं। सीएसआर के माध्यम से पुस्तकालय में 20 कंप्यूटर एवं सर्वर स्थापित किए गए हैं।
कुलपति ने बताया कि आगामी सत्र में सहायक आचार्यों के 26 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूर्ण करने, नए शैक्षणिक भवनों एवं अतिथि गृह का निर्माण, दोनों परिसरों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण, परिसर को वाई-फाई एवं सीसीटीवी सुविधाओं से सुसज्जित करने, सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने, रोजगारपरक प्रमाणपत्र एवं डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने और पुस्तकालय को और समृद्ध बनाने की कार्ययोजना पर तेजी से कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में उपाधि वितरण, स्वर्ण पदक एवं कुलाधिपति पदक प्रदान करने के साथ डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त दीक्षांत स्मारिका का विमोचन, शिक्षकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का लोकार्पण, चंदन वाटिका, मियावाकी वन एवं नवीन प्रयोगशालाओं का उद्घाटन, गोद लिए गए गांवों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां औऱ श्मां-बेटी सम्मेलनश् भी समारोह के प्रमुख आकर्षण होंगे।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार प्रबुद्ध सिंह, वित्त नियंत्रक डॉ0 धीरेंद्र कुमार, प्रो0 रोली वार्ष्णेय, सहायक निदेशक सूचना संदीप कुमार, गगन प्रताप सिंह भी उपस्थित रहे। प्रेस कांफ्रेंस के अंत में रजिस्ट्रार द्वारा सभी संवाददाताओं का आभार प्रकट किया गया।