Skip to content
HKSNEWS
HKSNEWS
  • अलीगढ समाचार
  • उत्तर प्रदेश
  • शिक्षा एवं रोजगार
  • राष्ट्रीय समाचार
  • एटा समाचार
  • सरकारी योजनाएं
  • योग एवं सेहत
  • मोटिवेशन एवं आत्मविश्वास
  • अलीगढ समाचार
  • उत्तर प्रदेश
  • शिक्षा एवं रोजगार
  • राष्ट्रीय समाचार
  • एटा समाचार
  • सरकारी योजनाएं
  • योग एवं सेहत
  • मोटिवेशन एवं आत्मविश्वास
राष्ट्रीय समाचार

कौशल भारत मिशन

By HKSNEWS
July 21, 2026

भारत सरकार के स्किल इंडिया मिशन (सिम) के अंतर्गत, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (एमएसडीई) विभिन्न योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई), जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस), राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (नैप्स) के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) द्वारा शिल्पकार प्रशिक्षण योजना (सीटीएस) के माध्यम से देश भर के समाज के सभी वर्गों को कौशल, पुनर्कौशल और कौशलोन्नयन प्रशिक्षण प्रदान करता है। सिम का उद्देश्य भारत के युवाओं को उद्योग से संबंधित कौशलों से सुसज्जित करके भविष्य के लिए तैयार करना है। एमएसडीई की विभिन्न योजनाओं के तहत प्रशिक्षित/नामांकित उम्मीदवारों का राज्यवार ब्यौरा अनुबंध-I में दिया गया है।

एमएसडीई की योजनाओं में से, पीएमकेवीवाई के केवल पहले तीन संस्करणों (पीएमकेवीवाई 1.0, पीएमकेवीवाई 2.0 और पीएमकेवीवाई 3.0) के तहत प्लेसमेंट का रिकॉर्ड रखा गया, जो 2015-16 से 2021-22 तक लागू किए गए थे। पीएमकेवीवाई के पहले तीन संस्करणों (1.0 से 3.0) के तहत प्लेसमेंट पाने वाले उम्मीदवारों का राज्यवार ब्यौरा अनुबंध-II में दिया गया है। अल्पकालिक प्रशिक्षण के अंतर्गत, प्रमाणित 56.89 लाख उम्मीदवारों में से 24.3 लाख उम्मीदवारों को प्लेसमेंट मिल चुका है, जिससे कुल प्लेसमेंट दर 42.8% हो जाती है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत, मुख्य ध्यान प्रशिक्षित उम्मीदवारों को उद्योग-प्रासंगिक कौशल पाठ्यक्रमों के माध्यम से मार्गदर्शन देकर अपने विविध करियर पथ को चुनने के लिए सशक्त बनाना है, जिसमें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (ओजेटी) भी शामिल है।

व्यावसायिक प्रशिक्षण और शिक्षुता के अलावा, एमएसडीई के तत्वावधान में राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान (निस्बड़) और भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई) देशव्यापी उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम (ईएपी) और उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) संचालित करते हैं, जिनका उद्देश्य प्रशिक्षण, ऋण और बाजार तक पहुंच पर केंद्रित उद्यमशीलता की मानसिकता को बढ़ावा देना है। सितंबर 2023 में शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना, 18 पारंपरिक ट्रेड़ों में कारीगरों को समग्र सहायता (कौशलोन्नयन, टूलकिट और संपार्श्विक रहित ऋण) प्रदान करती है। एमएसडीई ने महिला उम्मीदवारों में उद्यमशीलता की मानसिकता विकसित करने के लिए फरवरी 2025 में पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, मिजोरम और उत्तर प्रदेश एवं तेलंगाना में स्वावलंबिनी कार्यक्रम शुरू किया। अब तक, ईएपी के तहत कुल 1200 महिला उम्मीदवारों को और ईडीपी के तहत 602 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) एक एकीकृत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना प्लेटफॉर्म है जो पाठ्यक्रम खोज, नामांकन और प्रमाणन की सुविधा प्रदान करता है। एमएसडीई ने पीएमकेवीवाई और सीटीएस जैसी योजनाओं के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी, मेकाट्रॉनिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान किए हैं। डीजीटी ने आधुनिक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए आईबीएम, माइक्रो सॉफ्ट, ऑटो डेस्क, एडबल्यूएस, शेल आदि सहित वैश्विक तकनीकी क्षेत्र के अग्रणी कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस (एसओएआर) कार्यक्रम छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए संरचित मूलभूत और व्यावहारिक एआई कौशल विकास प्रदान करता है।

सरकार स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत कौशलीकरण पहलों की समय-समय पर समीक्षा करती है, जिसमें नामांकन, प्रमाणन, प्लेसमेंट, स्वरोजगार के परिणाम और नियोक्ताओं की फीडबैक का आकलन करके रोजगार क्षमता और भविष्य के कौशल को मजबूत करने में उनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाता है। प्रमुख कार्यक्रमों के प्रभाव मूल्यांकन अध्ययनों का विवरण इस प्रकार है:

पीएमकेवीवाई 4.0: वर्ष 2025 में भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा पीएमकेवीवाई 4.0 का एक स्वतंत्र तृतीय-पक्षीय प्रभाव मूल्यांकन किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण ने अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने में योगदान दिया है। प्रशिक्षण से पहले कार्यरत और स्व-रोजगार प्राप्त एसटीटी उत्तरदाताओं का संयुक्त हिस्सा 26.6% था, जो पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण के बाद बढ़कर 45.4% हो गया, जो 18.8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्शाता है। जिसमें 41.4% एसटीटी उम्मीदवारों और 48.9% पूर्व अधिगम मान्यता (आरपीएल) उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण और प्रमाणन के बाद आय में वृद्धि दर्ज की है। कुल मिलाकर, पीएमकेवीवाई 4.0 ने औपचारिक कौशल प्रशिक्षण और प्रमाणन तक पहुंच को काफी हद तक बढ़ाया है और लाभार्थियों के एक बड़े हिस्से के लिए कौशल आत्मविश्वास, रोजगार भागीदारी और आय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार किया है।

जेएसएस: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के एक स्वायत्त संस्थान, अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजे एनआईएफएम) द्वारा 2025 में जन शिक्षण संस्थान (जेएसएस) योजना का तृतीय-पक्ष मूल्यांकन किया गया, ताकि योजना की पहुंच, प्रभावशीलता और आजीविका परिणामों का आकलन किया जा सके। मूल्यांकन में योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धियों को उजागर किया गया, जिसमें 33.94 लाख व्यक्ति नामांकित हुए, जिनमें से 32 लाख को प्रशिक्षित किया गया और 31.52 लाख को प्रमाणित किया गया, जो 99 प्रतिशत की समग्र सफलता दर को दर्शाता है। कुल प्रतिभागियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 82 प्रतिशत थी, जबकि 73 प्रतिशत लाभार्थी हाशिए पर स्थित वर्गों से थे, जिनमें अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (36 प्रतिशत) और अन्य पिछड़ा वर्ग (37 प्रतिशत) शामिल हैं। आजीविका पर प्रभाव उल्लेखनीय रहा है, जिसमें 90 प्रतिशत पूर्व छात्र अर्जित कौशल का उपयोग आय सृजन के लिए कर रहे हैं, 82 प्रतिशत प्रशिक्षण के छह महीने के भीतर आर्थिक रूप से कार्यरत हो गए हैं और 60 प्रतिशत पूर्व में कमाई नहीं करने वाले व्यक्ति प्रशिक्षण के बाद कमाई शुरू कर चुके हैं।

एनएपीएस (नैप्स): प्रधानमंत्री राष्ट्रीय शिक्षुता संवर्धन योजना (पीएमएनएपीएस-2) का वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक (30 नवंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर) एक तृतीय-पक्ष मूल्यांकन अध्ययन अरुण जेटली राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एजेएनआईएफएम) द्वारा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पीएमएनएपीएस-2 का मूल्यांकन अवधि के दौरान उल्लेखनीय विस्तार हुआ, जिसमें 46 लाख के संचयी लक्ष्य की तुलना में 34.69 लाख प्रशिक्षुओं को रोजगार दिया गया, जो लगभग 75 प्रतिशत की समग्र उपलब्धि को दर्शाता है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के संस्थागतकरण से वित्तीय पारदर्शिता और पूर्वानुमान में सुधार हुआ है।

मध्य प्रदेश और उसके सतना जिले में प्रशिक्षित उम्मीदवारों और स्थापित या कार्यरत प्रशिक्षण केंद्रों का ब्यौरा अनुबंध-III में दिया गया है।

उद्योग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, ग्रीन जॉब्स, उन्नत विनिर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों के साथ संरेखित करने के लिए, एमएसडीई ने अन्य बातों के अलावा निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

 

  • राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी) की स्थापना तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (टीवीईटी) क्षेत्र में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियम और मानक स्थापित करने वाले एक व्यापक नियामक निकाय के रूप में की गई है। एनसीवीईटी उद्योग निकायों को अवार्डिंग बॉडीज (एबी) और/या मूल्यांकन एजेंसियों (एए) के रूप में मान्यता देता है।
  • अवार्डिंग बॉडीज से यह अपेक्षा की जाती है कि वे उद्योग की मांग के अनुसार योग्यताएं विकसित करें और उन्हें राष्ट्रीय व्यवसाय वर्गीकरण, वर्ष 2015 के अनुसार चिन्हित व्यवसायों के साथ संरेखित करें तथा उद्योग से मान्यता प्राप्त करें। एनसीवीईटी ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुसार 10209 योग्यताओं को मंजूरी दी है, जिनमें से 2975 योग्यताएं वैध और सक्रिय हैं तथा 7234 योग्यताएं संग्रहीत हैं।
  • प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) आईटीआई के छात्रों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए उद्योगों के सहयोग से फ्लेक्सी समझौता ज्ञापन योजना और प्रशिक्षण की दोहरी प्रणाली (डीएसटी) को लागू कर रहा है।
  • राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर संस्थानों के लिए उद्योग से जुड़ाव सुनिश्चित करने के लिए डीजीटी ने आईटी टेक और आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, ऑटोडेस्क, एडब्ल्यूएस, शेल आदि जैसी अन्य कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ये साझेदारियां आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों में तकनीकी और व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक होंगी।
  • पीएमकेवीवाई के तहत, नई पीढ़ी/भविष्य के कौशल से संबंधित जॉब रोल्स को आगामी बाजार मांग और उद्योग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से उद्योग 4.0 की आवश्यकताओं के अनुरूप, विशेष एआई/एमएल, रोबोटिक्स, मेकाट्रॉनिक्स, ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में तैयार किया गया है।
  • डीजीटी ने सीटीएस के तहत नए युग/भविष्य के कौशल पाठ्यक्रम शुरू किए हैं ताकि 5जी नेटवर्क, एआई प्रोग्रामिंग, साइबर सुरक्षा, ड्रोन प्रौद्योगिकी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स आदि जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके।
  • उद्योग के लिए तैयार कार्यबल को उभरते आर्थिक अवसरों के अनुरूप बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में अहमदाबाद और मुंबई में दो (02) भारतीय कौशल संस्थान (आईआईएस) स्थापित किए गए हैं।
  • संबंधित क्षेत्रों के उद्योग जगत के अग्रणियों के नेतृत्व में 36 क्षेत्रीय कौशल परिषदों (एसएससी) की स्थापना की गई है, जिन्हें संबंधित क्षेत्रों की कौशल विकास आवश्यकताओं की पहचान करने के साथ-साथ कौशल दक्षता मानकों को निर्धारित करने का दायित्व सौंपा गया है।

 

दिनांक 20.07.2026 को लोक सभा में उत्तरार्थ अतारांकित प्रश्न संख्या 66 के भाग (क), (ख) और (घ) के उत्तर में उल्लिखित अनुबंध।

अनुबंध-I

 

एमएसडीई की योजनाओं के अंतर्गत प्रशिक्षित/कार्यरत/नामांकित उम्मीदवारों का राज्यवार ब्यौरा:

 

राज्य/संघ राज्य क्षेत्र पीएमकेवाई

(स्थापना से लेकर 30.06.2026 तक)

जेएसएस

(2018-19 से 30.06.2026 तक)

नैप्स

(2018-19 से 30.06.2026 तक)

सीटीएस/ आईटीआई

(2018 से 2025 तक)

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह 5,838 8,097 569 4,574
आंध्र प्रदेश 535,681 84,506 1,17,246 4,16,695
अरुणाचल प्रदेश 98,231 726 446 5,059
असम 848,120 74,425 53,738 31,356
बिहार 764,075 2,46,242 37,050 8,84,949
चंडीगढ़ 28,230 13,006 7,022 7,679
छत्तीसगढ 205,017 1,58,564 32,728 1,76,809
दिल्ली 528,800 42,656 1,33,771 80,267
गोवा 10,496 13,766 49,960 16,408
गुजरात 473,270 1,29,951 5,65,729 6,80,947
हरियाणा 764,665 55,380 3,99,524 4,30,045
हिमाचल प्रदेश 177,549 95,942 48,947 1,63,850
जम्मू और कश्मीर 433,724 15,153 5,878 57,682
झारखंड 315,290 1,13,998 59,921 2,83,095
कर्नाटक 609,367 1,52,682 4,47,703 5,64,167
केरल 275,165 1,25,363 78,383 2,69,251
लद्दाख 4,076 1,529 204 2,005
लक्षद्वीप 390 5,177 59 2,356
मध्य प्रदेश 1,233,837 3,92,298 1,49,759 5,82,081
महाराष्ट्र 1,337,900 2,93,055 13,46,717 9,45,222
मणिपुर 115,543 51,070 609 3,482
मेघालय 60,807 6,999 1,212 5,661
मिजोरम 44,449 7,057 473 2,533
नागालैंड 55,711 13,802 176 2,014
ओडिशा 603,909 3,36,577 61,896 4,43,484
पुदुचेरी 36,333 – 17,048 6,040
पंजाब 577,143 24,311 96,176 3,37,863
राजस्थान 1,409,480 1,02,323 1,15,488 8,46,973
सिक्किम 19,529 – 2,249 2,569
तमिलनाडु 894,314 1,09,851 5,41,317 2,84,559
तेलंगाना 469,063 83,340 2,27,138 2,55,735
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव 11,971 17,436 14,708 4,640
त्रिपुरा 163,792 22,032 2,771 17,811
उत्तर प्रदेश 2,522,287 6,58,156 4,10,215 25,50,273
उत्तराखंड 254,149 1,00,558 1,15,059 83,686
पश्चिम बंगाल 653,478 1,01,992 1,56,508 2,90,331
कुल 16,541,679 36,58,020 52,98,397 1,07,42,151

अनुबंध-II

पीएमकेवीवाई (1.0 से 3.0) के तहत नियोजित उम्मीदवारों का राज्यवार ब्यौरा:

 

राज्य नियोजित उम्मीदवारों की संख्या
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह 124
आंध्र प्रदेश 111,640
अरुणाचल प्रदेश 14,014
असम 67,257
बिहार 127,855
चंडीगढ़ 6,361
छत्तीसगढ 28,142
दिल्ली 78,349
गोवा 1,105
गुजरात 69,289
हरियाणा 158,981
हिमाचल प्रदेश 27,185
जम्मू और कश्मीर 53,656
झारखंड 29,461
कर्नाटक 74,225
केरल 26,385
लद्दाख 1,063
लक्षद्वीप –
मध्य प्रदेश 221,845
महाराष्ट्र 80,950
मणिपुर 16,094
मेघालय 13,608
मिजोरम 9,682
नगालैंड 6,181
ओडिशा 71,066
पुदुचेरी 10,504
पंजाब 128,913
राजस्थान 186,018
सिक्किम 3,942
तमिलनाडु 172,336
तेलंगाना 112,967
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीप 2,817
त्रिपुरा 18,682
उत्तर प्रदेश 338,882
उत्तराखंड 52,597
पश्चिम बंगाल 115,711
कुल मिलाकर 2,437,887

 

अनुबंध-III

प्रशिक्षित/कार्यरत उम्मीदवारों का ब्यौरा:

 

पीएमकेवाई

(शुरुआत से लेकर)

जून, 2026)

जेएसएस

(2018-19 से)

जून, 2026)

नैप्स

(2018-19 से)

जून 2026 तक)

सीटीएस / आईटीआई

(2018 से 2025 तक)

मध्य प्रदेश 1,233,837 3,92,298 1,49,759 5,82,081
सतना ज़िला 24,277 14,299 1,101 14,759

 

प्रशिक्षण केंद्रों का ब्यौरा:

 

पीएमकेवीवाई 4.0

केंद्र–

(एसटीटी+एसपी)*

जेएसएस

केंद्र–

नैप्स

प्रतिष्ठान

आईटीआई

(सरकारी और निजी)

मध्यप्रदेश 1417 30 1,394 847
सतना ज़िला 30 01 44 18

* अल्पकालिक प्रशिक्षण (एसटीटी) और विशेष परियोजनाएं (एसपी)

 

यह जानकारी आज कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जयन्‍त चौधरी द्वारा लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।

Author

HKSNEWS

Follow Me
Other Articles
Previous

कई शहरों में शहरी बाढ़ और भूस्खलन

Next

सूक्ष्म व्यायाम

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright@ Hksnews