संचारी रोग नियंत्रण में नगर निगम की भूमिका अहम, कर्मचारियों को किया गया संवेदीकृत
सफाई, फॉगिंग, कीटनाशक छिड़काव और जनजागरूकता पर दिया गया विशेष जोर
शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता जांच एवं मच्छरजनित स्रोतों के उन्मूलन के निर्देश
अलीगढ़ : संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जवाहर भवन में नगर निगम के समस्त कर्मचारियों का संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कर्मचारियों को संचारी रोगों की रोकथाम, स्वच्छता प्रबंधन और जनजागरूकता से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
संवेदीकरण कार्यक्रम में बताया गया कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए दैनिक रूप से नालों की सफाई, कीटनाशक दवाओं का नियमित छिड़काव तथा कूड़े का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कूड़ा संग्रहण वाहनों पर लगे माइक के माध्यम से संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ0 विनीता मिश्रा ने कहा कि मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना प्राथमिकता होनी चाहिए।डायरिया और जलजनित रोगों से बचाव के लिए सुरक्षित पेयजल, साफ-सफाई और हाथ धोने की आदतों के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने पर विशेष बल दिया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराने एवं व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बैठक में शुद्ध पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बैक्टीरियोलॉजिकल, बायोलॉजिकल एवं बायोकेमिकल परीक्षण नियमित रूप से कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए झाड़ियों की नियमित कटाई, साफ-सफाई एवं चूहों और छछूंदरों के नियंत्रण संबंधी उपायों को भी आवश्यक बताया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान तभी सफल होगा जब विभागीय प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित हो। नागरिकों से अपने आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, जलभराव न होने देने तथा किसी भी प्रकार के रोग के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने की अपील की गई।
